अनिल कुशवाह शिवपुरी। आप और हमने सबसे सुना है कि जल ही जीवन है,सत्य है जल नहीं तो कुछ नहीं,लेकिन शिवपुरी जनपद के एक गांव में जल की भंडार ने गांवों के कुंवारे युवको के लिए शादियों का रास्ता भी खोल दिया है। इसका उदाहरण मे टोंगरा गांव में देखने को मिला है। यहां जल अभाव खेती होने के कारण गांव के युवक के शादियो की रास्ते रुक गए। या यू कह लो कि मप्र शासन का जल गंगा संवर्धन अभियान की सफलता ने युवको की शादियां करवा दी।
शिवपुरी जिले के टोंगरा पंचायत में बने तालाब में पिछले वर्ष मार्च में ही पूरा पानी सूख गया था। ग्राम वासियों ने जिलाधीश रविंद्र चौधरी के समक्ष पानी की विकराल समस्या से अवगत कराया था। जलस्तर में गिरावट की समस्या पर जिलाधीश श्री चौधरी की दूरदर्शी सोच और जनहित के प्रति संवेदनशीलता के कारण टोंगरा तालाब की गाद निकालने और सफाई के निर्देश जलगंगा संवर्धन अभियान के तहत जनपद सीईओ को दिए गए थे।
तत्कालीन सीईओ जिला पंचायत श्री मरावी द्वारा जनप्रतिनिधियों और टोंगरा वासियों के समक्ष टोंगरा तालाब में जनसहयोग के लिए चर्चा की गई थी। इसके बाद, टोंगरा तालाब की सफाई और गाद निकालने के लिए ग्रामवासी तैयार हो गए,इस तालाब के पुन:जिंदा करने का श्री गणेश किया गया था उस दिन इस तालाब में श्रमदान करने शिवपुरी विधायक देवेन्द्र जैन भी पहुंचे थे। उस समय ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव में पानी की समस्या होने के कारण लड़को की शादी नहीं हो रही है अन्य गांव के ग्रामीण इस गांव में लड़की देने को तैयार नही है।
लगातार किया गया श्रमदान
इस तालाब से गाद निकालने के लिए ग्रामीणों का जन सहयोग और हौसला बढ़ाने के लिए समय समय पर समाजसेवी यशपाल रावत, पड़ोरा, जनपद अध्यक्ष हेमलता रघुवीर रावत भी श्रमदान करने पहुंचे थे। तत्कालीन सीईओ जिला पंचायत शिवपुरी उमराव सिंह मरावी के नेतृत्व में जनपद शिवपुरी और ग्राम पंचायत की टीम ने टोंगरा तालाब में खड़ी अनावश्यक झाड़ियों की सफाई में जुट गई। जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आमजन का यह समन्वय पहले कभी नहीं देखा गया, और इसका सुखद परिणाम यह रहा कि जो तालाब दिसम्बर अंत तक सूख जाता था, वह इस वर्ष अप्रैल में भी पानी से लबालब भरा हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, इस वर्ष यह तालाब जुलाई अगस्त तक भी सूखने वाला नहीं है। सबसे खास बात यह है कि इस तालाब में भरपूर पानी होने से गाँव का जलस्तर बेहतर हुआ है।
वर्षों से सूखे पड़े कुएं अब पानी से भर चुके हैं, और लगभग 50 हेक्टेयर कृषि भूमि इस वर्ष सिंचित हुई है। टोंगरा के ग्रामीणों का कहना है कि जलगंगा संवर्धन अभियान ने उनके गाँव की दशा और दिशा दोनों को सुधार दिया है। पहले पानी की कमी के कारण गाँव में लड़कों की शादियों में समस्याएं आ रही थीं, लेकिन अब गाँव में पानी की कोई समस्या नहीं है, जिसके कारण शादियाँ धूमधाम से हो रही हैं।
इनका कहना है...
हमारे गाँव में तालाब में पानी भरे होने से वर्षों से सूखे पड़े कुएं और बोर में भी पर्याप्त पानी है। आज पानी की कोई समस्या नहीं है।
विद्या रावत, सरपंच टोगरा
जल गंगा संवर्धन के अंतर्गत टोंगरा में सराहनीय कार्य हुआ है, और इसके परिणाम इस वर्ष स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं। जनभागीदारी और जनपद की मेहनत का यह परिणाम है।
रविंद्र कुमार चौधरी, जिलाधीश