शिवपुरी। माधव टाइगर रिजर्व में गुरुवार की अल सुबह पांच बजे बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पतौर रेंज के बमोरा गांव के नजदीक रेस्क्यू किए टाइगर तांडव को छोड़ दिया गया है। रिजर्व से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों की मानें तो टाइगर टी-5 के सामने दिन में कई बार हिरण आदि जानवर आए, लेकिन अभी उसने किसी का शिकार नहीं किया। क्योंकि उसने बांधवगढ़ में रेस्क्यू किए जाने से पूर्व एक भैंसे का शिकार कर उसका मांस खाया था। माना जा रहा है कि फिलहाल भूखा न होने के कारण उसने शिकार नहीं किया होगा।
डीएफओ प्रियांशी राठौड़ का कहना है...
क्षेत्र में पहले से ही अपनी सीमा निर्धारित कर चुकी पन्ना से लाई गई मादा टाइगर और गुरुवार को छोड़े गए नर टाइगर के विषय में डीएफओ प्रियांशी राठौड़ का कहना है कि सामान्यतः नर और मादा टाइगर में संघर्ष की स्थिति बहुत कम बनती है। वह एक-दूसरे से संघर्ष नहीं करते हैं। अगर मादा टाइगर के पहले से कोई शावक होते तो निश्चित तौर पर नए नर टाइगर के साथ संघर्ष की स्थिति निर्मित होती, लेकिन वर्तमान में जो परिस्थिति जंगल में है, उससे उनके बीच संघर्ष की स्थिति बनने की संभावना न के बराबर है।
उसी क्षेत्र में भी मादा, अब अपोजिट दिशा में
माधव टाइगर रिजर्व के अधिकारियों का कहना है कि सुबह जिस समय नर टाइगर को जंगल में रिलीज किया गया था उस समय मादा टाइगर भी उसी क्षेत्र में विचरण कर रही थी। ऐसे में टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को उम्मीद थी कि वह जल्द ही एक दूसरे के संपर्क में आ सकते हैं, लेकिन दोपहर तक दोनों एक-दूसरे से अपोजिट दिशाओं में चले गए हैं।