काजल सिकरवार @ शिवपुरी। शिवपुरी जिले की बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती सुगंधा आशुतोष शर्मा के पास मप्र का ऐसा पहला मामला पहुंचा है जो एक सामाजिक विसंगति को अपने आप में समेटे हुए है,यहां पीड़ित है मात्र 30 माह का मासूम,मासूम अपनी मॉ के साथ आया था,वह अपना दर्द तो बता नहीं सकता था,कि उसके साथ क्या हुआ है और उसे न्याय कौन दिलाऐगा। उसकी वेदना उसकी मॉ की जुबान बनी ओर अपने छोटे की लाल की ओर से मासूम की मॉ ने अपने बेटे के पिता,दादी और शासकीय शिक्षक के पद से रिटायर्ड दादा के खिलाफ आवेदन सौंपा है।
शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना सीमा में रहने वाली 23 साल की विवाहिता ने अपने आवेदन के माध्यम से बताया कि यह मेरा 30 माह का बेटा है,इसके पिता और दादा-दादी हमको छोडकर इंदौर शिफ्ट हो गए। पूरे मकान में ताला डाल गए,बस एक कमरे मे किसी तरह गुजर बसर हो रही है। मासूम की मॉ ने बताया कि वह इस मासूम के साथ कभी भी निर्दयता से मारपीट करते थे,जिससे उसका मानसिक और शारिरिक शोषण होता था।
अपने लाल को बचाने का प्रयास करती थी तो वह उसके साथ भी मारपीट करते थे,ओर कहते थे कि तू दहेज लेकर नही आई हमे इस बच्चे ओर तेरी कोई आवश्यकता नही है,तू यहां से भाग जा और हमारा मकान खाली करके चली जा नही तो तेरे उपर पुलिसिया कार्यवाही करा देगें। जब में अपनी ससुराल से नही गई तो मेरा पति,सास और ससुर पूरे घर मे ताला डालकर इंदौर भाग गए और अब यहां में अपने बच्चे के दूध के अपने खाने के लिए अकेले संघर्ष कर रहूं हूं।
साइंस कॉलेज के पास ईडब्ल्यूएस 60-61, आर.के.पुरम हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी शिवपुरी ने बताया कि मेरी शादी आज से करीबन 3 साल पहले अनिमेष माथुर पुत्र आदित्य माथुर निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से हिन्दू रीति रिवाज के साथ हुई थी। शादी के बाद मुझे मुझे एक पुत्र हुआ जो कि अभी मात्र 30 माह का हैं, मेरा पति व सभी ससुरालजन यहां तक कि मेरा चचिया ससुर व उनकी धर्मपत्नी मुझे दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। यह प्रताड़ना इतनी बढ़ गई कि मेरे ससुर व पति सहित सास आदि ने मेरे व मेरे 30 माह के बेटे के साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। मेरे साथ और मेरे नाबालिग बेटे साथ मारपीट करनी शुरू कर दी,हमें शिवपुरी में बने मकान से भगाने की कोशिश भी की,मैं लड़ती रही।
शिक्षक ससुर ने जानबूझकर इंदौर करवाया अपना ट्रांसफर,
जिसके बाद मेरे ससुर आदित्य माथुर ने अपना ट्रांसफर इंदौर में करवा लिया। और मुझे छोड़कर पूरा परिवार वहीं सैटल हो गया और मुझे रोज धमकी देते हैं कि तू शिवपुरी वाला मकान खाली कर दें, हम उसको बेच रहे हैं। मैं अपने बेटे को लेकर कहां जाउंगी। विगत 06 माह से वे विजय नगर (स्वास्थ्य नगर कॉलोनी) इंदौर, में निवास करने लगे हैं। आरोपीगण द्वारा मुझे व मेरे पुत्र को अकारण ही मारने पीटने, उसे खाने पहनने से वंचित करने, दवाओं व इलाज से वंचित करने, जान से मारने की धमकियां देने की वजह से मैं तत्समय भयभीत रहती थी।
मुझे व मेरे 30 माह के बेटे को मिलती थी जान से मारने की धमकियां
मैंने इस संबंध में थाने में शिकायत करनी चाही,लेकिन मेरे ससुरालजन मुझे धमकियां देते रहे कि अगर तूने हमारी कहीं भी शिकायत की तो हमें तुझे व तेरे बेटे को जान से मार देंगे,इसके साथ ही ससुरालजन कहते है कि बाहर किसी को बताया या कहीं शिकायत की तो तेरे लडके को गायब कर देंगे, तुझे और तेरे लडके को जिंदा नहीं छोड़ेंगे। आरोपीगण द्वारा मेरे मासूम नाबालिग पुत्र को दी गई शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना की वजह से उसके कोमल मन पर विपरीत असर पड़ा है, मैं भी अत्यधिक आहत हूं, मैं बहुत परेशान हूं और में अपने ससुरालजन पर कार्यवाही चाहती हूं।
मासूम को प्रताड़ित कर मॉ पर प्रेशर बनाने का पहला मामला
इस मामले में प्रतीत होता है कि एक मॉ के मासूम बेटे को प्रताड़ित कर उससे दहेज की वसूली करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमे मासूम की प्रताडित किया जा रहा है। अब 30 माह के मासूम को उसका पिता,दादा ओर दादी इंदौर शिफ्ट हो गए। इधर उनका 30 माह का इकलौता पोता दूध के लिए परेशान है,दवाओ के लिए तड़प रहा है,उसकी 23 साल की मॉ जीने के लिए और उसके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए अपनो से ही लड रही है,इस प्रकार का मामला सीडब्ल्यूसी के लिए भी पहला होगा,अब देखते है कि सीडब्ल्यूसी इस 30 माह के मासूम को न्याय दिलाने सक्षम रहेगी या नहीं।
इनका कहना है
30 माह के मासूम का उसकी मॉ की ओर से आवेदन आया है। विशेष किशोर पुलिस इकाई के द्वारा के पत्र जारी करेंगे,3 दिवस के अंदर बच्चे के पिता और परिजनों को सीडब्ल्यूसी के समक्ष उपस्थित होना होगा,
सुगंधा आशु शर्मा अध्यक्ष बाल कल्याण समिति शिवपुरी