शिवपुरी। ज्यादा मुनाफे का लालच देकर चिटफंड कंपनियों ने शिवपुरी जिले से करोड़ों रुपए का निवेश कराया है। लोग अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की गुहार लगा रहे हैं। ऐसे में अपर कलेक्टर शिवपुरी ने पांचों अनुविभागों के एसडीएम को पत्र जारी कर निवेशकों की लिस्ट मांगी है। बड्स एक्ट के तहत चिटफंड कंपनियों की कंपनियां नीलाम कर निवेशकों का भुगतान किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक चिटफंड कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए भारत सरकार ने दी बैंकिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स (बड्स) एक्ट 2019 लागू किया है। बड्स एक्ट के तहत निवेशकों को उनकी जमा पूंजी वापस दिलानी है। इसे लेकर अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने जिले के सभी एसडीएम को पत्र जारी किया है।
शिवपुरी जिले में कई क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों एवं अन्य चिटफंड कंपनियों द्वारा निवेश राशि ली गई है। नियम समय पर निवेश राशि वापिस नहीं करने के कारण पीड़ित व्यक्तियों व निवेशकों कर निवेश राशि वापस कराने के आवेदन दिए हैं। निवेशकों के आवेदनों के आधार पर सूचियां मांगी हैं।
अपर कलेक्टर ने पांचों अनुविभाग के एसडीएम से निवेशकों की जानकारी मांगी है। उन्होंने लिखा है कि आपके क्षेत्र में यदि किसी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों एवं अन्य चिटफंड कंपनियों में निवेशकों द्वारा राशि जमा की है तो निवेशकों के आवेदन लेकर उपलब्ध कराएं ताकि सूचियां तैयार की जा सकें।
धारा 30 के तहत गृह सचिव को सक्षम प्राधिकारी नियुक्त किया
बडूस एक्ट की धारा 30 के प्रयोजनों के लिए भारसाधक सचिव गृह विभाग मप्र शासन को सक्षम अधिकारी नियुक्त किया है। सक्षम प्राधिकारी को अपने कर्तव्यों के निर्वहन के लिए सहायता करने के लिए हर जिले में पदस्थ अपर कलेक्टर को नियुक्त किया है। अकेले पर्ल्स ग्रीन इंडिया में ही शिवपुरी जिले के निवेशकों के 150 करोड़ रु. फंसे हैं। सहाय इंडिया में भी करोड़ों रुपए फंसे हुए हैं।